इस वैचारिक सेतु का सबसे जीवंत और चमत्कारी उदाहरण महान दूरदर्शी वैज्ञानिक निकोला टेस्ला के जीवन और कार्यों में मिलता है। टेस्ला ने प्रसिद्ध रूप से कहा था कि यदि आप ब्रह्मांड के रहस्यों को खोजना चाहते हैं, तो आपको ऊर्जा, आवृत्ति और कंपन के संदर्भ में सोचना होगा। यद्यपि यह टेस्ला की अपनी स्वतंत्र खोज और अनूठी अंतर्दृष्टि थी, किंतु ध्वनि, दोलन और ब्रह्मांडीय अनुनाद की सामवेदिक समझ के मूल सिद्धांतों में इसका एक बहुत ही सुंदर और गहरा सादृश्य मिलता है। टेस्ला के क्रांतिकारी आविष्कार—चाहे वह प्रत्यावर्ती धारा (AC) विद्युत प्रणाली हो, इंडक्शन मोटर हो, या वायरलेस ट्रांसमिशन और रिमोट-कंट्रोल तकनीक की अवधारणाएं हों—वे सभी ब्रह्मांड के इसी अदृश्य, सर्वव्यापी ऊर्जा-क्षेत्र को क्रियाशील बनाने के व्यावहारिक रूप हैं। टेस्ला का 3, 6 और 9 की संख्याओं के प्रति जो एक जादुगरी थी, वह वास्तव में ब्रह्मांड के संरचनात्मक ब्लूप्रिंट की ही गणितीय अनुभूति थी। यह एक ऐसा कोड है जो सीधे तौर पर हमारी परमाणु संरचना, जीनों के मैक्रो-मॉलिक्यूलर विन्यास और हमारे शरीर को जीवंत रखने वाले जटिल जैविक सूचना तंत्रों को प्रतिबिंबित करता है।